केमिकल लोचे के शिकार.....

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मैं कौन हूँ, मैं क्या कहूं? तुझमे भी तो शामिल हूँ मैं! तेरे बिन अधूरा हूँ! तुझसे ही तो कामिल हूँ मैं!

आपको पहले भी यहीं देखा है....!!!

शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

तमन्ना!!!



तमाम उम्र तेरी बातें सुनूँ,
अपनी भी कुछ कहूँ तुझसे!
बस एक तमन्ना है मेरी,
मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!


देखा मैं करूँ तेरी आँखों में,
तेरे कानों में सरगोशी करूँ!
बस एक तमन्ना है मेरी,
मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!

 
तुझे छू कर तेरा अहसास करूँ,
और भी कुछ ख़ास करूँ!
बस एक तमन्ना है मेरी,
मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!


लूँ बाहों को तेरी बाहों में, 
भर लूँ तुझे अपनी पनाहों में!
बस एक तमन्ना है मेरी,
मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!


लूँ बोसा मैं तेरे होठों का,
तेरी ज़ुल्फों से भी खेलूँ मैं!
बस एक तमन्ना है मेरी,
मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!


ज़िंदगी की लैब में मुहब्बत के सभी एक्सपेरिमेंट्स कामयाब हों ये ज़रूरी नहीं. ज़रूरी ये है के प्रेम वैज्ञानिक हार न माने. हर एक एक्सपेरिमेंट कुछ-न-कुछ दे कर जाएगा, मसलन ये 'तमन्ना' जो आप पढ़ आये हैं.
मैं आजकल आप लोगों को पढ़ नहीं पा रहा हूँ. लेकिन मेरा आपके लिए प्यार महंगाई और भ्रष्टाचार की तरह बढ़ा ही हुआ है!!! आगे भी कम होने के आसार नहीं! आपका हर एक कल आपके हर एक आज से बेहतर हो. आप होप, हैल्थ एंड हैप्पीनेस से मालामाल रहें. 
पाsssssssssssssरो! 
प्याsssssssssssssर!
आप सभी को भी...... आई लव यू! 
चित्रकारी: गूगल फ़िदा हुसैन.

30 टिप्‍पणियां:

dipak kumar ने कहा…

very nice post chhotawriters.blogspot.com

संजय भास्कर ने कहा…

लूँ बाहों को तेरी बाहों में, भर लूँ तुझे अपनी पनाहों में!बस एक तमन्ना है मेरी,मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!
वाह ! कितनी सुन्दर पंक्तियाँ हैं ... मन मोह लिया इस चित्र ने तो !

संजय भास्कर ने कहा…

सुखद अहसास हुआ इसे पढ़ कर ! बहुत सुन्दर !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रेम का आधिपत्य, आधिपत्य के प्रेम से अधिक बलवान है, आपकी कविता साक्षी है।

Suman ने कहा…

nice

Deepak Saini ने कहा…

love u

इमरान अंसारी ने कहा…

बहुत ही खुबसूरत और प्यार से भरी पोस्ट पढ़ कर दिल खुश हो गया और ऊपर से आपने प्यार का इतना खूबसूरत इज़हार किया......वल्लाह.......हमारे दिल में भी आपके लिए वही जगह है......खुदा आपको खुश रखे....आमीन|

Jitendra Dixit ने कहा…

Bhai dil Khush kar deya.........
us tammana se hum bhe melna chahenge,jis par tu hal chahta h..........
ye dua h khuda se vo tammana mele tujhe aur vo ashas bhe..........

rukh badal raha h,tere kavetayo ka.........Prem ras ka ahsas mahsus ho raha h...........

Bhushan ने कहा…

बड़ा इंतज़ार कराते हो यार अपनी पोस्ट का. बड़ी याद आती रही तुम्हारी. जम्मू में हो तो कनेक्शन की समस्या होगी. इस लिए गुनाह माफ.
यह पंच लाईन कि “मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!” बहुत पुराने गीत की याद दिला गई- कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है, कि जैसे तुझ को बनाया गया है मेरे लिए. इसे इस तरह तरह समझना होगा. आशीष को मेरे लिए बनाया गया है, इसकी क्या गारंटी है. मुझे आशीष के लिए बनाया गया है, इसकी गारंटी मैं दे सकता हूँ.
तो भाई मेरे ‘तुम ख़ुद पर किसी और को हक़ दे दो, इसी में प्यार छिपा है बिला शक दे दो’ यह मैंने लिखा है तुम्हारे लिए ख़ास कर.

Sonal Rastogi ने कहा…

किसी पर हक माग रहे हो और उससे पूरा समर्पण ...और कहते हो एक तमन्ना है ..
बढ़िया जी

shekhar suman ने कहा…

ओह्ह... ये सेंटी कब से करने लगे गुरु... पता नहीं क्यूँ मन कह रहा है, आओ थोडा रूमानी हो जाएँ.....

Unknown ने कहा…

so banker by chance ji..

abhi kahan
kavita achhi hai :)

vidhi panwar ने कहा…

badiya hai sir.............

इंदु पुरी ने कहा…

दुष्ट! हम भी तुम्हे प्यार करते हैं.समझे? और खूब 'मिस' भी करते हैं.ये क्या लिखा?शोर्ट कट मार दिया .जो पढ़ने की तमन्ना लिया आई थी वो अधूरी रह गई सिवाय इसके कि.....हाँ तुम आस पास ही हो कहीं .जिस कार्य में व्यस्त हो उसमे इश्वर सफलता दे.और ....तुम्हारी तमन्ना पूरी हो ...पारो के देव जी ! प्यार.

Udan Tashtari ने कहा…

एक्सपेरिमेंट्स कामयाब हों-शुभकामनाएँ.

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन...

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

Beautiful.

Regards.

Roshi ने कहा…

bahut hi sunder prastuti

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आशीष जी आपको ये जिद्द है की उनपर अधिकार ले कर रहेंगे ... और उनको ये जिद्द है की अपनी सत्ता नहीं छोड़ेंगे ... लाजवाब लिखा है ...

संजय @ मो सम कौन ? ने कहा…

वी लव यू टू मिस्टर मंगली मैनेजर:)

Bhushan ने कहा…

चुंबन की फोटो बदल दो यार. कइयों को यह ठीक नहीं लगा होगा और लौट गए होंगे. विचार कर लो. मैंने 'बाऊ जी' वाली बात कह दी है.

Manish ने कहा…

नाही भैया जी!! हम तो आये और इस फोटूए पे ठहर गये.. यकीन मानो ठहरे ही रहे.. :) उपर से लेकर नीचे तक... पूरा छान मारा ;)

Babli ने कहा…

बेहद ख़ूबसूरत और दिल को छू लेने वाली रचना लिखा है आपने!

Dimple Maheshwari ने कहा…

bahut hi sundar

aakash ने कहा…

bahut khub likha aapne.................

indu puri ने कहा…

लो अब तक नया कुछ नही लिखा? अब तो एग्जाम हो गए होंगे न? याद करती हूँ तुम्हे.

रवि धवन ने कहा…

तमाम उम्र तेरी बातें सुनूँ,
अपनी भी कुछ कहूँ तुझसे!
बस एक तमन्ना है मेरी,
मुझको तू खुद पर हक़ दे दे!

हिट है। हिट है। हिट है।
कमाल का लिखते हो। बेहद प्यारी पोस्ट है।

boletobindas ने कहा…

1 august kaha gai>?????

Bhushan ने कहा…

हम आपको भूले नहीं हैं. जन लोकपाल के पहले चरण की सफलता पर बधाई.

आशा जोगळेकर ने कहा…

हक पाने के लिये कर्तव्य बी तो निभाना है ।
आपके शुभेच्छा के लिये धन्यवाद ।